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कंपनी प्रोफाइल

वैज्ञानिक समुदाय द्वारा एटीपी की विश्‍व स्‍तर पर एक अग्रणी कंपनी के रूप में पहचान की गई है जो पर्यावरणिक प्रौद्योगिकियों और इमल्‍सीफाइड ईंधनों में हमारे व्‍यापक अनुभव का परिणाम है।

हमारे मुख्‍य प्रबंधन दल और वैज्ञानिकों के दल को 300 साल से भी ज्‍यादा का संयुक्‍त औद्योगिक अनुभव हासिल है जसमें से सामान्‍य उद्योग और इमल्‍सीफाइड ईंधन में क्रमश: 200 और 100 वर्षों का अनुभव प्राप्‍त है।


निदेशक मंडल


डॉ. फ्रैड टी बकिंघम, पी.ई.

डॉ. बकिंघम को एक इंजीनियर के रूप में 35 साल से भी ज्‍यादा का अनुभव है; उन्‍होंने उच्‍च प्रौद्योगिकी उपकरण और प्रणालियों के विकास, डिजाइन और उन्हें स्थापित करने में डिजाइन इंजीनियर, परियोजना प्रबंधक, उपाध्‍यक्ष और निदेशक के पदों पर कार्य किया है। डॉ. बुकिंघम क्लीन फ्यूल्स टेक्नालाजी इंक के निदेशक मंडल के अध्यक्ष थे और इलैक्ट्रिक पॉवर टेक्नालाजिज इंक के निदेशक थे। डॉ. बुकिंघम को तरल घोलों और मिश्रणों सहित मिश्रित तरल ईंधन प्रौद्योगिकी को विकसित और स्थापित करने का व्यापक अनुभव है। डॉ. बुकिंघम ने तरल ईंधनों बनाने और दहन प्रक्रिया पर अनेक तकनीकी प्रकाशन निकाले हैं। डॉ. बुकिंघम को विद्युत उत्पादन और औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा प्रणालियों के मूल्यांकन का व्यापक अनुभव है। डॉ. बुकिंघम ने 2001 में एमपीआर एसोसिएट्स इंक में कार्यभार संभाला और इस समय परामर्शदाता इंजीनियर हैं। डॉ. बुकिंघम ने 1975 में आस्टिन स्थित टेक्सास युनिवर्सिटी से यांत्रिक इंजीनियरी में स्नातकपूर्व डिग्री हासिल की। उन्होंने 1980 में यांत्रिक इंजीनियरी में विज्ञान निष्णात की डिग्री प्राप्त की और 1993 में अर्लिंगटन स्थित टेक्सास युनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. बुकिंघम टेक्सास राज्य में एक पंजीकृत व्यावसायिक इंजीनियर हैं।


श्री जॉन डब्ल्यू. कार्टर

श्री कार्टर 2006 में अमरीकी सीनेट में शामिल होने से पहले वित्‍त और संपत्ति प्रबंधन में कार्य कर चुके हैं। श्री कार्टर के पास जार्जिया इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी से भौतिकी में डिग्री है और जार्जिया स्‍कूल ऑफ लॉ यूनीवर्सिटी से विधि में डिग्री प्राप्‍त की है। श्री कार्टर को व्‍यवसाय और वित्‍त के क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का अनुभव रहा है। लॉ स्‍कूल से निकलने के बाद श्री कार्टर ने अपने पिता, जिमी कार्टर के अमरीकी राष्‍ट्रपति अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया। उसके बाद, उन्‍होंने ग्रेन एलिवेटर में निजी व्‍यवसाय प्रारंभ किया, जहां वे लाभ मार्जिन को बचाने के लिए भावी बाजारों का इस्‍तेमाल करने की कला से काफी प्रभावित हुए। उनकी यह दिलचस्‍पी उन्‍हें शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड और उसके बाद सिटी बैंक में मुद्रा व्‍यापार की ओर खींचकर ले गई। उन्‍होंने वित्‍तीय परामर्शदात्री फर्म - कार्टर ग्‍लोबल बनाई और वित्‍त क्षेत्र में अपने व्‍यवसाय को जारी रखा। श्री कार्टर, द कार्टर सेंटर सहित मानवीय संगठनों से जुड़े रहे। (http://www.cartercenter.org).


श्री पैट्रिक ग्रेम्‍स

श्री ग्रेम्‍स को पर्यावरणीय विज्ञान और वित्‍त क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों का औद्योगिक अनुभव हासिल है। वे नए उत्‍पादों के आविष्‍कार के लिए लेखा कार्य से लेकर उत्‍पाद विकास तक विभिन्‍न क्षमताओं में 1997 से इमल्‍सीफाइड ईंधनों से संबंधित कार्य कर रहे हैं।

श्री ग्रेम्‍स ने व्‍यवसाय माडल के निर्माण के लिए पूरे विश्‍व से अग्रणी एमल्‍सन वैज्ञानिकों और विपणनकर्ताओं को इकट्ठा किया, जिसके अंतर्गत एपीटी अपनी प्रौद्योगिकी का वाणिज्यीकरण और विकास करना जारी रखेगी। उन्‍होंने इमल्‍सीफाइड बायो-डीजल उत्‍पाद लाइन जैसी नए बाजार अवसरों का पता लगाया। जब श्री ग्रीम्‍स व्‍यवसाय विकास में जुटे थे, तब अरिजोना केमिकल (इंटरनेशनल पेपर के पूर्ण स्‍वामित्‍व की सहायक कंपनी) सहित विशेष व्‍यवस्‍थाओं पर बातचीत की गई।

श्री ग्रेम्‍स ने प्रौद्योगिकी विकास का प्रबंधन भी किया, जिसमें 100 से ज्‍यादा अंतर्राष्‍ट्रीय पेटेंट और पेटेंट आवेदनों का सक्रिय पोर्टफोलियो शामिल था। इसमें कैटरपिलर और अन्‍य के खिलाफ किए गए सफल मुकदमें और मध्‍यस्‍थता भी शामिल थी। श्री ग्रीम्‍स ने ऐसे अनेक उत्‍पादों की खोज है और उनमें सुधार किया है जो एपीटी की मूल प्रौद्योगिकी में महत्‍वपूर्ण घटक हैं। मुख्‍य वित्‍तीय अधिकारी के रूप में श्री ग्रीम्‍स ने इमल्‍सीफाइड ईंधनों के लगातार विकास को वित्‍तपोषित करने के लिए 50 मिलियन डॉलर (यूएसडी) से भी अधिक की धनराशि जुटाने में मदद की।

इमल्‍सीफाइड ईंधनों पर कार्य करने से पहले श्री ग्रीम्‍स अर्नेस्‍ट एंड यंग एलएलपी के लेखा-परीक्षा और वित्‍तीय सेवा विभाग में प्रबंधक थे, जहां उन्‍होंने प्रतिभूति विनिमय कमीशन सूची, स्‍टार्ट-अप कंपनियों और विनियमित नगरपालिकाओं पर ध्‍यान केंद्रित किया। उन्‍होंने कैलिफोर्निया स्‍टेट यूनीवर्सिटी, सक्रेमेंटो से बीएस, व्‍यापार प्रशासन/लेखा प्राप्‍त की। श्री ग्रीम्‍स को सीपीए का लाइसेंस भी प्राप्‍त है।


प्रबंधन


श्री पैट्रिक ग्रीम्‍स, अध्‍यक्ष और मुख्‍य कार्यपालक अधिकारी


श्री जैक वाल्‍ड्रन, इंजीनियरी के उपाध्‍यक्ष

श्री वाल्‍ड्रन को मुख्‍यतया खनिजों और खनन क्षेत्र में लगभग 30 वर्षों का अनुभव हासिल है। वे वर्ष 2001 से अनेक पदों पर रहते हुए इमल्‍सीफाइड ईंधन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, जिससे अनेक इमल्‍सीफाइड ईंधन विनिर्माण प्रक्रियाओं और कई पेटेंटों की खोज हुई है।

श्री वाल्‍ड्रन एपीटी की संपूर्ण ब्‍लेडिंग यूनिटों की संपूर्ण श्रृंखला के डिजाइन, निर्माण, अनुसंधान और विकास के लिए जिम्‍मेदार थे। उन्‍होंने विश्‍व भर में विभिन्‍न अनुप्रयोगों और अनुसंधानों में एपीटी के इमल्‍सीफाइड ईंधन उत्‍पाद के लिए प्रदर्शनियों में भाग लिया। श्री वाल्‍ड्रन कानूनी प्रक्रियाओं में भी गहराई से जुड़े रहे हैं जिससे एपीटी के अंतर्राष्‍ट्रीय पेटेंट पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने में मदद मिली है।

इमल्‍सीफाइड ईंधनों के क्षेत्र में कार्य करने से पहले श्री वाल्‍ड्रन ने बैरिक गोल्‍डस्‍ट्राइक, न्‍यूमाउंट माइनिंग कंपनी और इको बे माइनिंग कंपनी जैसी अंतर्राष्‍ट्रीय कंपनियों के साथ वरिष्‍ठ धातु वैज्ञानिक इंजीनियरी पदों पर कार्य किया, जहां उन्‍होंने संयंत्र डिजाइन, अधिकतम परिचालनों और आर्थिक विश्‍लेषणों पर बल दिया। अपने व्‍यवसाय की शुरुआत में वे न्‍यूक्लियर प्रोपल्‍शन के साथ अमरीकी नौ सेना में एक अधिकारी के रूप में शामिल हुए थे।

श्री वाल्‍ड्रन ने न्‍यू मैक्सिको इंस्‍टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड टेक्‍नोलॉजी से अपनी एडवांस डिग्री प्राप्‍त की।

श्री रोबर्ट फ्रांसिस, प्रचालन उपाध्‍यक्ष

श्री फ्रांसिस को उच्‍च प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 30 वर्ष से अधिक का अनुभव प्राप्‍त है। वे इमल्‍सीफाइड ईंधनों के क्षेत्र में 2009 से कार्य कर रहे हैं।

श्री फ्रांसिस विश्‍व भर में एपीटी की प्रौद्योगिकी के वाणिज्‍यीकरण से संबंधित विभिन्‍न प्रचालन गतिविधियों के प्रबंधन के लिए जिम्‍मेदार हैं। श्री फ्रांसिस ने एक इंजीनियर के रूप में अपना व्‍यवसाय प्रचालन कार्यान्‍वयन डिजाइन, गुणवत्‍ता, प्रक्रिया सुधार और लागत कम करने के लिए इंटरनेशनल बिजनेस मशीन में शुरू किया। श्री फ्रांसिस ने प्रबंधन के विभिन्‍न अवसरों के जरिए प्रगति की और वे किफायती गुणवत्‍ता नियंत्रण और वाणिज्यिकरण के प्रयासों के विभिन्‍न पहलुओं के लिए जिम्‍मेदार थे।

एपीटी में कार्यभार संभालने से पहले श्री फ्रांसिस इंटरनेशनल गेम टेक्‍नोलॉजी, सीगेट टेक्‍नोलॉजी कारपोरेशन और आईबीएम में वरिष्‍ठ प्रबंधन पदों पर रहे। अपने करियर के दौरान उन्‍होंने उत्‍पाद लागत कम करने, उत्‍पाद प्रारंभ, प्रक्रिया सुधार और प्रचालनों की सिक्‍स सिग्‍मा रणनीति में इंजीनियरी गतिविधियों की अगुवाई की। उन्‍होंने व्‍यवसाय विकास, उत्‍पाद प्रबंधन, उत्‍पाद प्राप्ति और प्रौद्योगिकी अंतरण संबंधी पदों पर भी कार्य किया।

श्री फ्रांसिस ने अपनी इंजीनियरी डिग्री टेम्‍पल से प्राप्‍त की और अपनी व्‍यवसाय प्रशासन निष्‍णात डिग्री कोलोरेडो स्‍टेट यूनीवर्सिटी से हासिल की।


वैज्ञानिक


डॉ0 रिचर्ड एलिस, विनियामक कार्य और अनुसंधान

डॉ0 एलिस को मुख्‍यत: लुगदी और कागज क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों का अनुभव प्राप्‍त है। डॉ0 एलिस 2000 से विभिन्‍न क्षमताओं में इमल्‍सीफाइड ईंधनों के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं, जिसमें परिवहन के लिए विभिन्‍न नए उत्‍पादों और औद्योगिक ईंधन बाजारों की खोज और इस प्रमुख प्रौद्योगिकी का नए क्षेत्रों और अनुप्रयोगों में विस्‍तार करना शामिल है।

सत्‍तर के दशक की शुरुआत से डॉ0 एलिस मैकटेक इंजीनियरिंग एंड कन्‍सल्टिंग इंक, सेंट लोरेंट पेपरबोर्ड, इनलैण्‍ड पेपर बोर्ड एंड पैकेजिंग इंक और यूनियन कैंप के साथ पर्यावरण और अनुसंधान मामलों से संबंधित प्रबंधन के वरिष्‍ठ पदों पर रह चुके हैं। डॉ0 एलिस उन विस्‍तृत प्रौद्योगिकी और पर्यावरण मामलों के लिए जिम्‍मेदार थे जिसमें लुगदी और कागज क्षेत्र के लिए पर्यावरणिक संरक्षण एजेंसी पर्यावरणिक नीतियों के प्रवर्तन के माध्‍यम से अपनी कंपनियों का मार्ग-निर्देशन करना तथा मल्‍टी बिलियन डॉलर के संयंत्रों के ग्रीन फील्‍ड और प्रमुख पुनर्निर्माण संबंधी मुद्दे शामिल थे। लुगदी और कागज क्षेत्र में डॉ0 एलिस की विशेषज्ञता ने एपीटी को अपनी प्रौद्योगिकी में किफायती घटकों को शामिल करने का सपना साकार किया और पूरे विश्‍व में जटिल विनियामक मानदंडों की रूपरेखा बनाने में मार्गदर्शन किया।

उन्‍होंने एक दर्जन से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं, अनेक पुस्‍तकों के सह-लेखक रहे हैा और उन विकास प्रयासों का पर्यवेक्षण किया है जिनसे कई सौ पेटेंट किए गए। डॉ0 एलिस ने सिनसिनाटी स्थित यूनीवर्सिटी से भौतिक रसायन शास्‍त्र में डॉक्‍टर की उपाधि प्राप्‍त की।


डॉ0 अलेक्‍जेण्‍डर प्‍सैला, उत्‍पाद और व्‍यवसाय विकास

डॉ0 प्‍सैला को मुख्‍यत: ईंधन संयोजकों के क्षेत्र में लगभग 30 वर्ष का औद्योगिक अनुभव हासिल है। वे 1998 से तकनीकी और व्‍यवसाय विकास भूमिका में इमल्‍सीफाइड ईंधनों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं जिसमें परिवहन और औद्योगिक ईंधन बाजारों के लिए विभिन्‍न नए उत्‍पादों की खोज शामिल है।

डॉ0 प्‍सैला लुब्रिजोल कारपोरेशन, बीपी केमिकल्‍स और आईएलफोर्ड लिमिटेड में नए उत्‍पाद के विकास से संबंधित वरिष्‍ठ तकनीकी और व्‍यवसाय विकास प्रबंधन पदों पर काम किया है। एपीटी में कार्यभार संभालने से पहले उन्‍होंने अपनी परामर्शदात्री कंपनी, एक्‍सपी कंसल्‍टेन्‍सी लिमिटेड बनाई। डॉ0 प्‍सैला विशेष रूप से उन तेल उत्‍पादों के अनुसंधान और विकास के लिए जिम्‍मेदार थे जिनमें लुब्रिकेंट ईंधन संयोजक ऑयल फील्‍ड रसायन, गीली मिट्टी में ड्रिलिंग और बीपी रसायनों के लिए उन्‍नत तरल पदार्थ शामिल थे। विभिन्‍न ईंधन संयोजकों में रसायन शास्‍त्र में उनकी विशेषज्ञता से एपीटी अपने एमल्‍सनों में संयोजकों की प्रभावकारिता को बनाए रखने में समर्थ हुई और यह सुनिश्चित हुआ कि इसके रासायनिक भागीदार उपयुक्‍त रूप से अर्हता प्राप्‍त हैं।

डॉ0 प्‍सैला ने अनेक शोध-पत्र प्रकाशित किए और लगभग 50 पेटेंट और पेटेंट आवेदनों की स्‍वयं अथवा किसी और के साथ मिलकर खोज की। उन्‍होंने यूनीवर्सिटी एग्‍जेटर से ऑर्गनोप्‍लेटिनम रसायन विज्ञान में पीएचडी हासिल की।


डॉ0 थॉमस होलिहान, यांत्रिक इंजीनियरी और दहन प्रक्रिया

डॉ0 होलिहान को पर्यावरिणक विज्ञान और समुद्रीय प्रौद्योगिकियों में 30 वर्ष से भी ज्‍यादा का औद्योगिक अनुभव हासिल है। डॉ0 होलिहान 1997 से विभिन्‍न क्षमताओं इमल्‍सीफाइड ईंधनों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं जिसमें औद्योगिक और विद्युत संयंत्रों के लिए पूरे विश्‍व में प्रदर्शन करना शामिल है।

उन्‍हें एपीटी प्रौद्योगिकी के बारे में तब जानकारी मिली, जब वे यूनाइटेड स्‍टेट व्‍हाइट हाउस साइंस कार्यालय में यांत्रिक इंजीनियरों की अमरीकी सोसाइटी के एक कार्यपालक फेलो के रूप में कार्य कर रहे थे जहां उन्‍होंने वैकल्पिक ऊर्जा नीति संबंधी मुद्दों पर बल दिया था। इससे पहले उन्‍होंने जहाज में प्रमुख बदलाव लाने और मरम्‍मत कार्यकलाप, जिनमें हैवी-डयूटी डीजल ईंजन, दहन टर्बाइन और प्रोपल्‍शन बॉयलर शामिल हैं, के प्रबंधन से संबंधित अमरीकी नौसेना चरणबद्ध अनुरक्षण कार्यक्रम में लगभग 30 साल बिताए। इस दौरान उन्‍होंने जहाज डिजाइन कार्यक्रम में कंप्‍यूटर आधारित डिजाइन प्रौद्योगिकी की शुरुआत करने के लिए उद्योग क्षेत्र के प्रयासों की अगुवाई की। डॉ0 होलिहान ने अपना कॅरिअर नेवल पोस्‍ट ग्रेजुएट स्‍कूल से प्रारंभ किया, जहां उन्‍होंने एक आवधिक संबद्ध प्रोफेसर के रूप में सेवा की और संपूर्ण यांत्रिकी इंजीनियरी पाठ्यक्रमों को पढ़ाया। उनकी दहन सिद्धांतों में व्‍यावहारिक और शैक्षिक विशेषज्ञता से एपीटी विद्युत, उत्‍सर्जन और लागत के बीच लक्षित संतुलन बनाने के लिए अपने ईंधन इमल्शनों का अधिकतम उपयोग करने और यह सुनिश्चित करने में समर्थ हुआ कि इसके इंजीनियरी भागीदार विनिर्माण ब्‍लैडिंग यूनिटों के लिए उपयुक्‍त तौर पर अर्हता प्राप्‍त हैं।

डॉ0 होलिहान ने विश्‍व स्‍तर पर 50 से अधिक प्रस्‍तुतियां दी हैं और एक दर्जन से अधिक पुस्‍तकें स्‍वयं अथवा किसी के साथ मिलकर लिखी हैं। डॉ0 होलिहान ने अपनी डॉक्‍टोरेट उपाधि सिराकूज यूनिवर्सिटी से यांत्रिक इंजीनियरी में प्राप्‍त की।


श्री सतीश मखीजा, रिफाइनरी और भारतीय विशेषज्ञ

श्री मखीजा को पेट्रोलियम रिफाइनिंग और परिवहन अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में 30 वर्षों से भी अधिक का औद्योगिक अनुभव हासिल है। वे 2008 से इमल्‍सीफाइड ईंधन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं जिन्‍हें भारत में इमल्‍सीफाइड ईंधन व्‍यवसाय स्‍थापित करने का मुख्‍य कार्य सौंपा गया है।

श्री मखीजा का एपीटी प्रौद्योगिकी से परिचय इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (भारत की सबसे बड़ी पेट्रोलियम विपणन और तेल शोधक कंपनी) अनुसंधान और विकास केंद्र के कार्यपालक निदेशक प्रभारी के रूप में सेवानिवृत्‍त होने के तुरंत बाद हुआ। इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड में रहते हुए उन्‍होंने पूरे देश में बिछाई गई पाइपलाइनों के निरीक्षण के लिए इंस्‍ट्रूमेंटेड पिग्‍स के विकास तथा एफसीसी, सुधार और आइसोमेराइजेशन आदि जैसे विभिन्‍न रिफाइनिंग प्रचालनों के लिए क्रूड ऑयल रियोलॉजी, प्रोसेस, और उत्‍प्रेरक विकास के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों तक कार्य किया। श्री मखीजा ने अनुप्रयुक्‍त धातु विज्ञान, इंजीनियरी परियोजनाओं और सेवाओं, विश्‍लेषणात्‍मक उपकरण प्रभाग/एमआईएस, सुरक्षा, हिंदी कार्यान्‍वयन और गुणवत्‍ता/पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली से संबंधित प्रयासों की भी अगुवाई की। वे अनेक अग्रणी भारतीय और अंतर्राष्‍ट्रीय संगठनों के साथ सहयोगी अनुसंधान को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए भी जिम्‍मेदार थे।

श्री मखीजा ने अपना करियर श्रीराम फर्टिलाइजर के साथ शुरू किया जहां उन्‍होंने अमोनिया के प्रचालनों, यूरिया और सल्‍फ्यूरिक एसिड उत्‍पादन सुविधाओं और विनिर्माण प्रक्रिया और प्रौद्योगिकियों के मूल्‍यांकन तथा तकनीकी आर्थिक मूल्‍यांकनों से संबंधित कार्य किया। भारतीय तेल क्षेत्र में उनकी व्‍यावहारिक विशेषज्ञता से एपीटी, भारतीय बाजार के लिए अपने प्रौद्योगिकी पोर्टफोलियो के लिए ग्राहक बनाने में समर्थ हुई।

श्री मखीजा ने सह-लेखक के रूप में दर्जन भर पुस्‍तकें लिखी हैं और उनके नाम पर 28 पेटेंट दर्ज हैं। इन्‍होंने रसायन और धातु विज्ञान इंजीनियरी में अपनी मास्‍टर डिग्री ओहियो यूनिवर्सिटी और मिससौरी यूनीवर्सिटी से प्राप्‍त की।


अंशकालिक परामर्शदाता


एपीटी अपनी प्रौद्योगिकी के लिए विशेष अंशकालिक आधार पर पूरी दुनिया से अग्रणी वैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं को भी नियुक्‍त करती है। ऐसे अनेक अग्रणी वैज्ञानिक अनुसंधानकर्ता हैं जो विभिन्‍न विश्‍वविद्यालयों में काम कर रहे हैं जिनके माध्‍यम से एपीटी विभिन्‍न अनुसंधान परियोजनाएं संचालित करती हैं जबकि अन्‍य वैज्ञानिक, अग्रणी परामर्शदाता कंपनियों जैसी इंजीनियरी फर्मों में कार्य करते हैं।