सिंहवालोकन
एपीटी प्रौद्योगिकी 1992 से इमल्सीफाइड ईंधन के क्षेत्र में सबसे आगे रही है। इसका अधिकांश प्रयोगशाला अनुसंधान और विकास संयुक्त राज्य अमेरिका में तकनीकी अनुसंधान और विकास केन्द्रों में हुआ है। अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास कार्यक्रम चलाने के लिए एपीटी की पूरे विश्व के विश्वविद्यालयों और विभिन्न औद्योगिक हिस्सेदारों के साथ विशेष व्यवस्थाएं रही हैं।
एपीटी प्रौद्योगिकी का विकास करने वाले वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रयोगशाला में जो कुछ होता है जरूरी नहीं कि वही सब ''वास्तविक दुनिया'' में भी हो। तदनुसार, एपीटी ने वाणिज्यिक मात्राओं में एपीटी इमल्सीफाइड ईंधनों के लगातार विनिर्माण के महत्व को अत्यधिक प्राथमिकता दी है और वह दहन अनुप्रयोगों पर वाणिज्यिक प्रचालन में रहते हुए परीक्षण कर रहा है। एपीटी के वैज्ञानिक, जिनके लिए विशिष्ट व्यवस्था की गई है, पर नीति के कड़े नियम लागू होते हैं, जो उनके कार्यकलापों को अलग-अलग करती है।
इमल्शन विज्ञान के क्षेत्र
एपीटी का मानना है कि उसकी प्रौद्योगिकी से अंतिम उपभोक्ताओं की उच्च आशाएं पूरी होनी चाहिए। तदनुसार, कंपनी ने रासायनिक अध्ययनों, यांत्रिक अध्ययनों और दहन अध्ययनों में अपने विकास और वाणिज्यिक प्रयास किए हैं।
- रसायनिक अध्ययनों में योजकों, पेट्रोलियम, जल और परिणामी इमल्शन का संयोजन शामिल होता है।
- यांत्रिक अध्ययनों में विभिन्न पेट्रोलियम उत्पादों, जल और योजकों को मिलाने के लिए ब्लैंडिंग प्रोसेसिंग शामिल होती है।
- दहन अध्ययनों में अंतिम उपभोगताओं के अनुप्रयोग शामिल होते हैं।
अपने संसाधनों को रासायनिक, यांत्रिक और दहन इंजीनियरी पर केन्द्रित करते हुए, एपीटी दहन परिवेश को अधिकतम बनाने की बेहतर स्थिति में है ताकि दहन क्षमताओं में सुधार किया जा सके और हानिकारक उत्सर्जनों को कम किया जा सके। एपीटी के वैज्ञानिकों ने यह तय किया है कि इमल्शनों के दहन गुणों की अच्छी समझ अनिवार्य है क्योंकि अंतिम उपभोक्ता विशेषकर दहन निष्पादन के लिए भुगतान करता है न कि किसी विशेष ईंधन के लिए।
फील्ड परीक्षण
केवल सर्वाधिक जरूरी परीक्षण और क्षेत्रीय जांच से ही अंतिम उपभोक्ता की जरूरतों के अनुरूप प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का सृजन किया जा सकता है। प्रारम्भिक अनुसंधान से पता चला है कि परिवेशी तापमान और यहां तक कि उच्च तापमान जैसी अवस्थाएं एपीटी इमल्सीफाइड ईंधनों की गुणवत्ता, स्थिरता और दहन को प्रभावी कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, एपीटी की अधिकांश प्रौद्योगिकियां रीनो नेवादा के उच्च मरुक्षेत्र में विकसित की गई थीं, जो अत्यधिक ऊंचाई (4000 फुट से अधिक) और अत्यधिक तापमान (20° फा. से 110° फा.) होने के कारण एक सुदृढ़ एपीटी इमल्सीफाइड ईंधन प्रौद्योगिकी, जो विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में काम करती है, विकसित करने के लिए एक आदर्श स्थल था ।
एपीटी प्रौद्योगिकी की यूएसईपीए की ट्राईएंगल पार्क, नॉर्थ केरोलीना स्थित प्रयोगशाला जैसे विश्व स्तरीय परीक्षण केन्द्रों तथा रिचमोंड, कैलिफोर्निया में कैलिफोर्निया ट्रक परीक्षण सेवाओं तथा सैन एन्टोनियों में साउथवेस्ट इंस्टीट्यूट जैसी स्वतंत्र यूएसईपीए द्वारा प्रमाणित प्रयोगशालाओं में जांच की गई है।
अभिनवता और सतत् सुधार
एपीटी प्रौद्योगिकी में न केवल परिष्कृत ईंधन उत्पाद और इसकी दहन प्रक्रिया शामिल हैं बल्कि उच्चतम गुणवत्ता के इमल्सीफाइड ईंधनों की वाणिज्यिक गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखने संबंधी महत्वपूर्ण घटक भी शामिल हैं। एपीटी उन चल रहे अनुसंधान और विकास कार्यक्रमों के लिए प्रतिबद्ध है जो उत्पाद की बेहतरी और बढ़ोतरी पर बल देते हैं। हमारे वैज्ञानिक एपीटी योजकों और मिश्रण इकाइयों की निर्माण लागत को और कम करने की दिशा में लगातार काम करते रहते हैं। तकनीकी दृष्टि से ईंधन स्थिरता को सुधारने, किफायती दहन प्रक्रिया का विस्तार कराने और एपीटी मिश्रण इकाइयों की प्रोसेसिंग दरें बढ़ाने पर बल देने के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं।
एक विनियामक दृष्टिकोण से, अधिकांश देश पैट्रोलियम ईंधनों के संयोजन के लिए कड़े मानक निर्धारित करते हैं। तथापि, जब पहली पीढ़ी की एपीटी प्रौद्योगिकी की शुरुआत की जा रही थी तो कुछेक अथवा कोई भी शासी मानक मौजूद नहीं थे। परिणामत: एपीटी के वैज्ञानिकों ने स्थिरता और निष्पादन के लिए अपने स्वयं के कड़े मानक बनाने की पहल की, जो आज भी लगातार चुनौतीपूर्ण और अद्यतन बन हुए हैं। तभी से अनेक देशों ने इमल्सीफाइड ईंधनों के लिए मानक स्थापित किए हैं। ऐसा ही एक देश इटली है जिसने स्थिरता और रासायनिक संयोजन के अत्यंत कड़े मानकों को पूरा करने की शर्त पर मानक डीजल ईंधन तेल के लिए उत्पाद कर में छूट दी। इटली सरकार की ईंधन प्रयोगशालाओं को इस अवश्य प्रमाणित करना होता है कि बाजार में उतारने से पहले इमल्सीफाइड ईंधन इन मानकों की कसौटी पर खरा उतरता हो। आज अनेक एपीटी उत्पाद इन मानकों को पूरा करते हैं और इन्हें इटली के बाजारों में बचने के लिए प्रमाणित किया गया है।
विकसित की जा रही अन्य प्रौद्योगिकियां
एपीटी, पर्यावरण से संबंधित अन्य प्रौद्योगिकियों की खोज कर रहा है जिससे एपीटी के वैज्ञानिकों को रासायनिक, यांत्रिक और दहन विज्ञान में अपनी विशेषज्ञता दिखानी होगी। उदाहरण के लिए, रासायनिक अध्ययनों में एपीटी पेट्रोरसायन उद्योग में अनुप्रयोगों की खोज कर रही हैं जहां आक्सीडेशन जैसी रासायनिक प्रतिक्रियाओं को तेज करने के लिए इमल्शनों का प्रयोग किया जा सकता है। एपीटी, यांत्रिक अध्ययनों में ईंजनों और बॉयलरों के भौतिक परिवर्तनों के अवसरों की संभावनाओं की तलाश कर रही है ताकि जैव ईंधनों जैसे अन्य वैकल्पिक ईंधनों को अपनाया जा सके। दहन अध्ययनों में एपीटी यह खोज कर रही है कि एमलश्नों के अद्वितीय दहन गुणों की उसकी समझ को किस तरह ईंधन योजकों की नई पीढ़ी पर लागू किया जा सकता है। अन्तत: एपीटी अन्य सक्षम प्रौद्योगिकियों का मूल्यांकन करने के लिए वैज्ञानिकों के विशिष्ट और प्रतिभाशाली दल का भी इस्तेमाल कर रही है।
एपीटी की प्रौद्योगिकीय नेतृत्व की स्थिति के बावजूद, कंपनी अपने प्रतिस्पर्धी लाभ को बनाए रखने में सतत् अनुसंधान और विकास प्रयासों के महत्व को समझती है। एपीटी की जीवाश्म ईधन के प्रयोग और प्रतिक्रिया विशेषताओं की विशिष्ट समझ से कंपनी वैकल्पिक ऊर्जा के अन्य महत्वाकांक्षी क्षेत्रों में विस्तार करने के सक्षम हो सकेगी। उदाहरण के लिए, एपीटी ने संभावित लाइसेंसधारी भागीदारों से उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का मूल्यांकन करते हुए अपने वैज्ञानिकों की विशिष्ट पृष्ठभूमि का इस्तेमाल किया है। एपीटी विनियामक मामलों, वाणिज्यिक बाधाओं की अपनी सामूहिक समझ पर विश्वास करती है और विज्ञान कंपनी को नए अवसरों में निहित संभावनाओं को साकार करने में व्यापक विश्वसनीयता प्रदान करता है। |